Poems Grid
भूरि भूरि है प्रणाम गुरु गिरिधारी को
प्रथम प्रणाम गण नायक गणेश प्रभु द्वितीय प्रणाम वीणापाणि सुखकारी को तृतीय प्रणाम मेरे इष्ट प्रभु रघुनाथ भूरि भूरि है प्रणाम गुरु गिरिधारी को पंचम प्रणाम भक्त हनुमान को है मेरा षष्ठम प्रणाम सत्य वीर
कवि अटल नारायण का काव्य-संसार
मेरे शब्द, मेरी संवेदना
भावों, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और जीवन की अनुभूतियों से सजे मेरे छंदों की दुनिया में आपका स्वागत है।
